Expert in study
Login
alarm
Ask a question
Hindi Berger
494 cents

कबीर जी की ऐसी एक रचना जो पाठ्यपुस्तक में नहीं है​

answers: 1
Register to add an answer
The time for answering the question is over
Answer:

गुरु समान दाता नहीं, याचक शीष समान।तीन लोक की सम्पदा, सो गुरु दीन्ही दानव्याख्या: गुरु के समान कोई दाता नहीं, और शिष्य के सदृश याचक नहीं। त्रिलोक की सम्पत्ति से भी बढकर ज्ञान - दान गुरु ने दे दिया।जो गुरु बसै बनारसी, शीष समुन्दर तीर।एक पलक बिखरे नहीं, जो गुण होय शारीरव्याख्या: यदि गुरु वाराणसी में निवास करे और शिष्य समुद्र के निकट हो, परन्तु शिष्ये के शारीर में गुरु का गुण होगा, जो गुरु लो एक क्षड भी नहीं भूलेगा।

samiyah❤♡♡♡♡♡❤
133
empower
For answers need to register.
Contacts
mail@expertinstudy.com
Feedback
Expert in study
About us
For new users
For new experts
Terms and Conditions